- 1 किसी भी कारण से उत्पन्न शारीरिक निर्बलता के कारण निम्न रक्तचाप (Low Blood Pressure) की उत्पत्ति होती है।
- 2 रक्ताल्पता/एनीमिया/Anemia के कारण अधिक निम्न रक्तचाप की उत्पत्ति होती है।
- 3 भोजन में पौष्टिक तत्वों Nutritious elements की कमी के चलते उत्पन्न शारीरिक निर्बलता के कारण भी रक्तचाप निम्न हो जाता है।
- 4 शारीरिक निर्बलता/Physical disability किसी दुर्घटना में शरीर से अधिक रक्त निकल जाने के कारण भी हो सकती है।
- 5 गृह कलह या किसी अन्य कारण से अन्दर ही अन्दर घुटते रहने के कारण या अन्य किसी भी वजह से अधिक मानसिक तनाव या दबाव झेलने वाले स्त्री-पुरुष निम्न रक्तचाप के शिकार हो सकते हैं।
- 6 अधिक समय तक क्षय रोग, मधुमेह, आंत्रिक ज्वर, अतिसार, आंत्रों में कृमि होने के कारण भी निम्न रक्तचाप की उत्पत्ति होती है।
- 7 स्त्रियों द्वारा दैनिक जीवन में समय पर पर्याप्त और नियमित रूप से पौष्टिक भोजन नहीं लेने के कारण या गर्भावस्था में पौष्टिक आहार नहीं लेने के कारण स्त्रियों के निम्न रक्तचाप से पीड़ित होने का खतरा बना रहता है।
- 1 निम्न रक्तचाप के कारण रोगी को भूख नहीं लगती, क्योंकि भोजन के प्रति अरुचि हो जाती है।
- 2 कुर्सी, सोफे या बिस्तर से उठकर खड़े होने पर आंखों के आगे अंधेरा सा छा जाता है और सिर घूमन/चकराने लगता है।
- 3 निम्न रक्तचाप से पीड़ित व्यक्ति पड़े रहना चाहता है। उसकी कोई भी काम करने की इच्छा नहीं होती है।
- 4 निम्न रक्तचाप में शारीरिक निर्बलता और कमजोरी Physical disability and weakness का अधिक अनुभव होता है।
- 5 रक्त की अत्यधिक कमी के कारण निम्न रक्तचाप की उत्पत्ति होती है, इसलिए रोगी चलने-फिरने में बहुत कठिनाई अनुभव करता है। यहां तक कि रोगी को सीढ़ियां चढ़ने में बहुत परेशानी होती है।
- 6 मधुमेह रोग से पीड़ित स्त्री-पुरुषों में निर्बलता के कई लक्षण दिखाई देते है।
- 7 हृदय जोरों से धड़कता है और सारा शरीर पसीने से भीग जाता है।
- 8. स्वादिष्ट पकवानों की सुगंध भी रोगी को आकर्षित नहीं कर पाती। क्योंकि उसकी भूख नष्ट हो जाती है।
- 9 पुरुषों में नपुंसकता के लक्षण उत्पन्न होते हैं। जबकि स्त्रियों में काम-इच्छा की उत्पत्ति नहीं होती है। ऐसे में स्त्री-पुरुष का यौन आनंद नष्ट हो जाता है।
- 10 थोड़ा-सा भी शारीरिक श्रम करने पर हृदय जोरों से धड़कने लगता है।
- 11 रोगी को सिरदर्द भी हो सकता है और रोगी को अधिक प्यास लगती हैं।
- 1 निम्न रक्तचाप से पीड़ित रोगी को अधिक परिश्रम के कार्य, सीढियों पर चढ़ने व धूप में अधिक चलने-फिरने से बचना चाहिए।
- 2 घी, तेल से बने अधिक गरिष्ठ पकवान सेवन नहीं करें।
- 3 उष्ण मिर्च-मसालों और खट्टे खाद्य पदार्थों का सेवन नहीं करें।
- 4 रोगी को एक साथ अधिक मात्रा में भोजन नहीं करना चाहिए। थोड़ी-थोड़ी मात्रा में दिन में कई बार भोजन करना चाहिए।
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2 रक्ताल्पता के कारण निम्न रक्तचाप होने पर रोगी को अधिक फल-सब्जियों और पौष्टिक खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए।
3 दूध में दो-तीन छुहारे देर तक उबालकर सेवन करने से शारीरिक शक्ति बढ़ने पर निम्न रक्तचाप का नष्ट होता है।
4 प्रतिदिन भोजन के साथ गाजर, मूली, खीरा, ककड़ी का सलाद बनाकर खाएं। हो सके तो हरी सब्जियों का सूप बनाकर प्रतिदिन सेवन करें।
5 रात को बादाम की तीन-चार गिरी जल में डालकर रखें। प्रातः उठकर गिरी को पीसकर खाने और दूध पीने से निम्न रक्तचाप नष्ट होता है।
6 अंकुरित अनाज व दालों का खूब सेवन करें।
7 शुद्ध ओर्गेनिक आंवले के 25 ग्राम रस में मधु 10 ग्राम मिलाकर सेवन करें।
8 शुद्ध ओर्गेनिक गाजर के 200 ग्राम रस में पालक का 50 ग्राम रस मिलाकर पीने से बहुत लाभ होता है।
9 शुद्ध ओर्गेनिक पालक और बथुआ भोजन में शामिल करें। रक्तवर्णी बथुआ विशेष उपयोगी होता है। यदि ताजा बथुआ और पालक का नहीं मिले तो पालक का ताजा पाउडर भी उपयोग में लाया जा सकता है।यह भी पढें: मेरी पत्नी का बदबू मारने वाला ल्यूकोरिया, सिरदर्द और मेरी नामर्दी, कब्जी, लीवर की बीमारी सहित सभी तकलीफें खत्म हो गयी

