पाचन (digestion) तंत्र की कमजोरी जीवन को नरक बना सकती है!
डॉ. पुरुषोत्तम मीणा 'निरंकुश'
एक सर्वे के अनुसार भारतीय उपमहाद्वीप में 80 प्रतिशत लोगों को कोई न कोई पेट सम्बन्धी तकलीफ बनी ही है। जिसके कारण उन्हें पाचन (digestion) सम्बन्धी अनेक प्रकार के उपद्रव प्रकट होते रहते हैं। जैसे—कब्ज (Constipation), अपच, अजीर्ण, बदहजमी, मंदाग्नि (indigestion), खट्टी डकार आना (Sourness), गैस-ऐसीडिटी (Gas-Acidity), मुँह में बारंबार-छाले (Repeatedly-Mouth-Ulcer), आंतों में अल्सर (Intestinal Ulcer), आंतों/गले में जलन (Intestinal/throat irritation), आफरा (flatulence), बवासीर-मस्से (Piles-Hemorrhoids), भगंदर-फिस्च्युला-गुदा में फोड़ा (Fistula), गुदाभ्रंश-गुदा/कांच बाहर निकलना (Rectum Collapse), जिगर-यकृत रोग/लीवर में सूजन (Liver Dysfunction/Fetty-Swollen Liver), तिल्ली में सूजन (Swelling in the Spleen), क्षुधानाश-भूख नहीं लगना (Anorexia-Loss of Appetite), कमजोरी/घबराहट (Weakness/Nervousness), हाथ-पैरों और बदन में सूजन (Swelling of hands-feet and Body), मुँह से दुर्गन्ध (Stench) आना, लगातार मितली/उबकाई आना (Frequent Nausea), पुरानी पेचिश/डिसेंट्री (Dysentery), आलस्य-सुस्ती-चिड़चिड़ापन-तनाव (Laziness-Lethargy-Irritability-Stress), चर्म रोग, जिनमें प्राय: दाद-खाज-खुजली-(Ringworm-Herpes-Itching), मुंहासे (Acne), एलर्जी (Allergy), एक्जीमा (Eczema)।

उपरोक्त लक्षणों की लम्बे समय तक अनदेखी भारी पड़ सकती है। क्योंकि सर्वे में कहा गया है कि पुरुषों में शीघ्रपतन (Early Discharge, Early Ejaculation, Premature Ejaculation), यौन कमजोरी एवं नामर्दी (sexual weakness and impotence) तथा महिलाओं में रक्ताल्पता, बांझपन, प्रदर (anemia, infertility, leucorrhea) और यौनेच्छाओं में कमी या अरुचि (lack of sexual excitement or interest) के पीछे भी पाचन तंत्र में गड़बड़ी होना प्रमुख कारण पाया गया। इसी प्रकार से गठिया (arthritis, rheumatism, gout) और जोड़ों के दर्द (joint pains) के लिये भी पाचन सम्बन्धी कारण जिम्मेदार हो सकते हैं। सबसे दु:खद तथ्य तो यह सामने आया है कि जिन लोगों का पेट खराब रहता है, उनमें से आधे से अधिक लोगों को बवासीर-मस्से (Piles-Hemorrhoids), भगंदर-फिस्च्युला-गुदा में फोड़ा (Fistula), गुदाभ्रंश-गुदा/कांच बाहर निकलना (Rectum Collapse) में से कोई न कोई तकलीफ अवश्य पाई जाती है, लेकिन अशिक्षा तथा संकोच के कारण लोग अपनी समस्या को खुलकर डॉक्टरों तक को नहीं बताते हैं। जिसके चलते समस्या बढती ही जाती है और अंतत: उन्हें आॅपरेशन तक करवाना पड़ता है। आॅपरेशन के बाद कैसा जीवन होता है, इसको वही व्यक्ति समझ सकता है। जो इसे भोग रहा/चुका होता है?
किसी भी समझदार व्यक्ति को इस बात को समझना चाहिये कि पाचन सम्बन्धी तकलीफों की अनदेखी करके अपने स्वास्थ्य से खिलवाड़ नहीं करना चाहिये। क्योंकि धन तो दुबारा कमाया जा सकता है, लेकिन एक बार स्वास्थ्य खराब हो गया तो फिर उसे ज्यों का त्यों वापस पाना बहुत मुश्किल और दुरूह कार्य है। इस तथ्य को स्पष्ट करने के लिये मेरे एक पेशेंट की पीड़ा को व्यक्त करने वाली कुछ पंक्तियां यहां उद्धरित करना जरूरी समझता हूं:-
"स्वास्थ्य का जीवन में क्या महत्व होता है, इसको नजर अंदाज करते हुए रोजगार पाने के चक्कर में, मैं बर्बाद कर बैठा। सरकारी नौकरी तो मिल गयी, लेकिन समय निकलने पर अहसास हुआ कि जिस स्वस्थ स्वास्थ्य की एक शरीर/व्यक्ति को आवश्यकता होती है, उसे तो मैं खो चुका हूं। पिछले तीन सालों से नौकरी से मिलने वाली पगार से मैं उस खाये हुए स्वास्थ्य को पुन: खरीदने की कोशिश कर रहा हूं।"
अत: मेरी राय है कि यदि आप में से कोई भी पाचन सम्बन्धी तकलीफों या पाचनतंत्र की कमजोरी के उपरोक्त लक्षणों या दुष्परिणामों का सामना कर रहे हैं तो तत्काल किसी योग्य, अनुभवी और संवेदनशील डॉक्टर से सम्पर्क करें। हां यदि आप इलाज के चक्कर में वक्त और पैसा खर्च करके थक चुके हैं और अभी तक आशातीत सफलता नहीं मिली है तो आप आॅन लाईन उपचार हेतु मेरे हेल्थ वाट्सएप नम्बर 8561955619 या मो. नं. 9875066111 पर सम्पर्क कर सकते हैं।
हमारी कोशिश होती है कि पीड़ित व्यक्ति के लक्षणों के अनुसार उसके शरीर में जिन-जिन तत्वों की कमी या अधिकता है, प्राकृतिक तरीके से उनकी पूर्ति, निष्कासन या सुधार (regeneration-improvement-reformation) की प्रक्रिया से निदान हेतु यथासंभव शुद्ध आॅर्गेनिक जड़ी-बूटियों (Pure organic herbs), होम्योपैथिक (Homeopathic) और, या बायोकेमिक (Biochemic) तत्वों से युक्त दुष्प्रभाव रहित पोषक या विषाक्तता नाशक सम्पूरक तत्वों (Without side effect nutrient or anti-toxicity-supplement elements) के जरिये निदान करने की कोशिश की जाती है। मगर याद रहे हम से आप स्वस्थ होने की उम्मीद तो करें, लेकिन किसी प्रकार की गारंटी या शर्तिया इलाज की उम्मीद नहीं करें, क्योंकि गारण्टी देना स्पष्ट रूप से पीड़ित व्यक्ति के साथ धोखा और कानूनी अपराध है।
डॉ. पुरुषोत्तम मीणा 'निरंकुश'-स्वास्थ्य रक्षक सखा एवं दाम्पत्य विवाद सलाहकार-04.03.2018. Online Dr. PL Meena: Health Care Friend and Marital Dispute Consultant, Health Advice WhatsApp No.: 85619-55619, Mobile No.: 9875066111 (10AM to 10 PM)